
हाईकोर्ट को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि कैंची धाम में सालाना विदेशी श्रद्धालु भी बढ़ी संख्या में पहुंचते हैं। बावजूद इसके विदेशी अंशदान को भी सार्वजनिक नहीं किया गया है। कहा गया है कि मंदिर के आय-व्यय की निगरानी के लिए प्रशासन की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई है। धार्मिक ट्रस्टों का पंजीकरण ट्रस्ट अधिनियम, 1882 के तहत होता है, इसलिए ट्रस्ट डीड, पंजीकरण प्रमाणपत्र, ट्रस्टियों का विवरण, संपत्ति और वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए। ग्रामीणों व सम्मानित लोगों को भी ट्रस्ट प्रबंधन में शामिल करने की मांग की है