बंद घरों के ताले तोड़ चुरा रहे राशन, विशेषज्ञ भी हैरान


Bear Terror: राशन चोर भालुओं के आतंक से लोग परेशान हैं। उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में निवास करने वाले भालू आमतौर पर जड़ी-बूटी और कंदमूल ही खाते हैं। लेकिन अब भालुओं को लोगों के घरों में रखे राशन का स्वाद भाने लगा हैं। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के धारचूला और मुनस्यारी के माइग्रेशन गांवों में इन दिनों भालुओं ने आतंक मचाया हुआ है। दरअसल, ठंड शुरू होने के बाद इन गांवों में रहने वाले लोग निचले इलाकों की तरफ लौट जाते हैं। मार्च तक ये इलाके बर्फ से ढके रहते हैं। इन इलाकों के लोग मार्च और अप्रैल तक अपने गांवों में लौटते हैं। इन दिनों ऊच्च हिमालयी क्षेत्रों के इन गांवों में सन्नाटा पसरा हुआ है। गांव के बंद घरों में लोग राशन भी छोड़ गए हैं। घरों में रखे नमक, दाल, चावल, गेहू आदि खाद्यान्न की खुशबू भालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। कुछ दिन पूर्व ही ने मुनस्यारी के लास्पा में सरपंच बीरबिल सिंह लस्पाल के घर का ताला तोड़कर अंदर रखी खाद्य सामाग्री साफ कर दी। इधर धारचूला के बोन की सरपंच छोरी देवी ने बताया कि भालुओं ने दारमा घाटी के 14 गांवों में आतंक मचाया हुआ है। कई घरों में तोड़फोड़ कर भालूओं ने राशन बर्बाद किया है।कई घरों की छतें भी भालू तोड़ चुके हैं। इधर, पूर्व वन्यजीव चिकित्सक डॉ. योगेश भारद्वाज के मुताबिक, शीतनिद्रा (हाइबरनेशन) में जाने से पहले भालू अधिक भोजन और ऊर्जा संरक्षित करते हैं। भोजन की तलाश करते हुए भालू आबादी के करीब पहुंच रहे हैं।



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top