
मिलने के लिए आने वालों की संख्या अधिक होने पर अफसर अपने कक्ष के बजाय सभा कक्ष या कॉन्फ्रेंस हॉल में मुलाकात करेंगे, जहां सीसीटीवी कैमरा लगा होगा। सरकारी दफ्तर में नारेबाजी, शोर-शराबा और उत्तेजक व्यवहार पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। एसओपी के दायरे में आमजन, जनप्रतिनिधि, उनके समर्थक और निजी सुरक्षाकर्मी तथा ठेकेदार होंगे। नई एसओजी के अनुसार वीआईपी भी अपने साथ सुरक्षाकर्मी लेकर अफसर से मिलने नहीं जा पाएंगे। सुरक्षाकर्मी को अपने शस्त्र रिसेप्शन पर दर्ज करवाकर वेटिंग रूम में रुकना होगा। दफ्तरों में ज्वलनशील पदार्थ, हथियार, लाठी-डंडा, स्याही आदि वस्तुएं नहीं ले जा पाएंगे। ऑफिसों में निजी एजेंसियों के सुरक्षागार्ड भी सचिव की अनुमति के बाद ही तैनात होंगे।