
Avimukteshwaranand Shankaracharya: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को उत्तराखंड स्थित बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले होने वाली सबसे अहम और पवित्र परंपरा, गाड़ू घड़ा यात्रा, में बतौर ‘शंकराचार्य’ शामिल होने का औपचारिक निमंत्रण भेजा गया है। यह न्योता ऐसे समय पर सामने आया है, जब उत्तर प्रदेश में शंकराचार्य पद को लेकर विवाद गहराया हुआ है और प्रयागराज माघ मेला प्रशासन व स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है।