9 दिसंबर 2025 को शाम के समय देहरादून के सेलाकुई इलाके में एंजेल अपने छोटे भाई माइकल के साथ किराने का सामान खरीदने गया था। रास्ते में कुछ युवकों के ने माइकल पर नस्लीय टिप्पणियां की, जैसे ‘चिंकी’, ‘चीनी’ या ‘मोमो’ जैसे शब्द का इस्तेमाल किया। जब एंजेल ने अपने भाई का बचाव किया और कहा कि ‘हम भारतीय हैं’, तो युवको ने उन पर हमला कर दिया। हमलावरों ने कड़े से सिर पर वार किए और चाकू से गर्दन, पेट व पीठ पर कई बार वार किए। एंजेल को गंभीर चोटें आईं, जबकि माइकल के सिर पर भी चोट लगी। एंजेल को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 17 दिनों तक जिंदगी की जंग लड़ने के बाद 26 दिसंबर को उनकी मौत हो गई।