क्यों गैर हिंदू दुकानदारों की हो रही पहचान; देवभूमि में चल क्या रहा है?


संत समाज का कहना है, ”कुंभ कोई सामान्य आयोजन नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा सबसे बड़ा पर्व है। हरिद्वार को देवभूमि का द्वार माना जाता है। ऐसे में घाटों और कुंभ क्षेत्र की पवित्रता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। इसी वजह से गैर-हिंदुओं के प्रवेश और व्यापार पर रोक लगाना जरूरी है।”



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