
Crackdown On Builders : घर बनाने का संपना संजोए लोगों के रुपये अब बिल्डर्स इधर से उधर नहीं कर पाएंगे। उत्तराखंड रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (रेरा) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए बिल्डर्स के लिए एक सख्त वित्तीय अनुपालन ढांचा लागू किया है। नए नियमों के अनुसार रियल एस्टेट में पारदर्शिता लाने के लिए रियल एस्टेट प्रमोटरों को प्रत्येक पंजीकृत परियोजना के लिए तीन अलग-अलग बैंक खाते रखने होंगे। इनकी पूरी निगरानी रेरा करेगा। इसका उद्देश्य लोगों के धन के दुरुपयोग को रोकना, जवाबदेही बढ़ाना और राज्य भर में घर खरीदारों के हितों की सुरक्षा करना है। नये नियमों के अनुसार पहला, संग्रह खाता होगा, जिसमें ग्राहकों से मिलने वाला सौ फीसद पैसा, जिसमें बुकिंग राशि, टैक्स और अन्य शुल्क शामिल होंगे उसे जमा कराया जाएगा। दूसरा खाता सेपरेट होगा, जिसमें परियोजना की लागत का 70 फीसदी हिस्सा जमा कराया जाएगा। संग्रह खाते की रकम का उपयोग केवल निर्माण कार्यों और भूमि की लागत के लिए ही किया जाएगा। तीसरा खाता लेनदेन का होगा। इस खाते में 30 प्रतिशत राशि रखी जाएगी। इस मद का प्रयोग प्रशासनिक खर्चों और अन्य कार्यों में किया जाएगा।