CBI ने आरोपी प्रोफेसर और उसकी बहन से कई घंटों तक पूछताछ की। इस दौरान एजेंसी ने उनके मोबाइल फोन और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए, जिनकी तकनीकी जांच में कई अहम सबूत मिले हैं। इन साक्ष्यों ने पेपर लीक साजिश की कड़ियों को जोड़ने में बड़ी भूमिका निभाई है। जांच अधिकारियों के अनुसार, कॉल रिकॉर्ड, चैट और फॉरेंसिक डेटा से इस पूरे ऑपरेशन की समय-सीमा और शामिल लोगों की पहचान स्पष्ट हो रही है।