आवारा कुत्तों की गिनती को लेकर उच्च शिक्षा के संयुक्त सचिव की ओर से जारी ये आदेश शिक्षाविदों में चर्चा का विषय बन गया है। बीते 23 दिसंबर को जारी इस आदेश के मुताबिक, उत्तराखंड के शासकीय, सहायता प्राप्त अशासकीय और निजी महाविद्यालयों के प्राचार्यों को लावारिस कुत्तों की गणना की जिम्मेदारी दी गई है। आदेश के मुताबिक, प्राचार्य को अपने संस्थान के आसपास लावारिस कुत्तों की गणना कर उनके पुनर्वास के लिए कार्रवाई की गई है या नहीं की गई है, इसकी जानकारी स्थानीय प्रशासन को देनी होगी।