उत्तराखंड में दिव्यांग कोटे की भर्ती में फर्जीवाड़े से हड़कंप मचा हुआ है। ये सभी नियुक्तियां अलग-अलग समय पर हुई हैं और इनमें कुछ नियुक्तियां तो राज्य बनने से पहले हुई थीं, ऐसे में सवालों के घेरे में कई अफसर आ रहे हैं। शिक्षक से कई आरोपी प्रधानाचार्य भी बन चुके हैं। फिलहाल आरोपी शिक्षकों के जवाब का इंतजार है, जिन पर फर्जीवाड़े से नौकरी हथियाने के आरोप लगे हैं। विभाग ने इन्हें जवाब देने के लिए 15 दिन का समय दिया है।