ग्राम प्रधान रमेश चंद्र जोशी ने हादसे के लिए बस चालकों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने बताया कि बस में करीब 40 बच्चे सवार थे, जिनमें से 12 से ज्यादा घायल हुए। प्रधान ने कहा, “इस क्षेत्र के बस चालक अक्सर नशे की हालत में गाड़ी चलाते हैं। पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।” उन्होंने बताया कि हादसे वाली जगह पर नाला है, लेकिन शुक्र है कि नाले में पानी नहीं था, वरना कई बच्चों की जान जा सकती थी।