होली पर 122 साल बाद चंद्रग्रहण :  होलिका दहन की तिथि पर ज्योतिषों के दो मतों से बढ़ा संशय



बदरीनाथ धाम के ज्योतिषाचार्य भुवन उनियाल के मुताबिक दो मार्च की शाम 6:22 बजे से 8:53 बजे तक होलिका दहन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस दौरान यद्वपि भद्रा है, लेकिन वह पुच्छ में है। उन्होंने अर्द्धरात्रि के बाद या तीन मार्च को होलिका दहन को उचित नहीं बताया है। उन्होंने कहा कि तीन मार्च को प्रतिपदा नहीं होने और चंद्रग्रहण होने के कारण विभूति धारणम नहीं हो पाएगा। उन्होंने कहा कि चार मार्च को ही छलेड़ी, धुलेड़ी और विभूति धारणम हो पाएगा। उन्होंने कहा कि तीन मार्च को खग्रास चंद्रग्रहण लगेगा। चंद्रग्रहण शाम 3:20 बजे से चंद्रग्रहण 6:47 बजे तक रहेगा। ग्रहण लगने के समय भारतवर्ष में चंद्रोदय नहीं होगा। भारत में शाम 6:17 बजे चंद्रमा के दर्शन होंगे। तब तक खग्रास चंद्रग्रहण लगभग समाप्त हो चुका होगा। तब केवल पूर्वी भारत जैसे असम, अरुणाचल और मिजोरम आदि राज्यों में थोड़ा पूर्ण चंदग्रहण दिख सकता है। गुजरात आदि राज्यों तक पहुंचने तक चंद्रग्रहण समाप्त हो चुका होगा।



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