इस साल जनवरी से अब तक वन्य जीव हमलों में 40 लोगों की मौत हो चुकी है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, इस साल बाघ के हमलों में 11, गुलदार के हमलों में नौ, हाथी के हमलों में सात, सर्पदंश से पांच जबकि भालुओं के हमलों में आठ लोग जान गंवा चुके हैं। विभाग ने वन्य जीवों के हमलों की दृष्टि से पिथौरागढ़ में 86 गांव, गढ़वाल में 71 गांव, बागेश्वर में 48 गांव, सीटीआर में 45 गांव, हरिद्वार में 35 गांव, रामनगर व रामनगर में 35-35 गांव तराई पश्चिम में 29 जबकि हल्द्वानी में 26 गांवों को संवेदनशील घोषित किया है।