होली की तिथि इस बार पूरे देश में एक, होलिका दहन के 1 दिन गैप के बाद होगा रंगोत्सव, जानें वजह    



Holi 2026 : पूरे देश में इस साल होली एक ही तिथि पर मनाई जाएगी। चार साल बाद उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में होली (छलड़ी) पूरे देश की तरह एक ही तिथि पर होगी। बता दें कि पंचांग गणना के आधार पर साल 2022 से 2025 तक कुमाऊं क्षेत्र और शेष भारत में होली अलग-अलग तिथियों को मनाई गई थी। अवकाश के अगले दिन होली होने से स्कूली बच्चों से लेकर नौकरीपेशा लोगों तक को भी तमाम परेशानियां उठानी पड़ी। कुमाऊं में होली का अवकाश पहले दिन हो रहा था और पर्व अगले दिन मनाया जा रहा था। पिछले कुछ वर्षों में पंचांग गणना और स्थानीय परम्पराओं के कारण कुमाऊं और देश के अन्य हिस्सों में तिथियों में एक दिन का अंतर देखने को मिल रहा था। इससे लोगों में भ्रम की स्थिति रहती थी। इस साल ज्योतिषियों ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार 4 मार्च को ही कुमाऊं और देश भर में एक साथ छलड़ी मनाई जाएगी। तिथियों और ग्रहण के विशेष संयोग के कारण अब इसको लेकर कोई संशय नहीं है। ज्योतिष गणना के अनुसार, 2 मार्च को फाल्गुन शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी है। विशेष बात यह है कि 3 मार्च को खग्रास चन्द्र ग्रहण लग रहा है, जिसका सूतक काल सुबह 06:20 बजे से ही शुरू हो जाएगा। ज्योतिषियों के मुताबिक भद्रा का साया जरूर है। शास्त्रों के अनुसार विशेष परिस्थितियों में भद्रा के समय भी मुख त्याग कर प्रदोष काल में दहन किया जा सकता है। 3 मार्च को ग्रहण होने से दहन संभव नहीं है, इसलिए 4 मार्च की होली है।



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