
राज्य प्रशासन के अनुसार तीर्थयात्रियों की सुरक्षा, बेहतर प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है। हर साल लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड के चार प्रमुख धामों- यमुनोत्री मंदिर, गंगोत्री मंदिर, केदारनाथ मंदिर और बदरीनाथ मंदिर के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में यात्रा को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए सरकार ने पहले से ही पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है।