
उत्तराखंड में लाइन लॉस के कारण 488 करोड़ रुपये की बिजली का नुकसान हुआ है। रुड़की, लक्सर और रुद्रपुर क्षेत्र में 964 मिलियन यूनिट बिजली लाइन लॉस हुई है। विधानसभा में पेश की गई सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के प्रतिवेदन में इस पर आपत्ति जताई गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यूपीसीएल में बिजली चोरी रोकने के लिए प्रकोष्ठ गठित करने का निर्णय लिया गया था, लेकिन उसमें पर्याप्त पुलिस बल तैनात नहीं किया गया। साथ ही छापेमारी दल और राजस्व निरीक्षण विभाग भी अस्तित्व में नहीं आ पाया। रिपोर्ट में कहा गया है कि यूपीसीएल की ओर से बड़ी संख्या में लोगों को बिना रीडिंग के बिल दिए जा रहे हैं। साल 2021- 22 से 2023- 24 के दौरान केवल 31 प्रतिशत मीटरों की जांच की गई। जबकि एक लाख 13 हजार उपभोक्ताओं को बिना रीडिंग के बिल दिए गए। यही नहीं बकाया भुगतान में देरी करने वालों के कनेक्शन काटने में भी देरी की गई। इसके साथ ही कैग की ओर से यूपीसीएल के बिलिंग सिस्टम, वसूली सिस्टम और निगरानी सिस्टम पर भी सवाल खड़े किए गए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि यूपीसीएल के अधीक्षण और मुख्य अभियंता निरीक्षण कम कर रहे हैं।