
चुनाव आयोग अब फर्जी और दोहरे रिकॉर्ड को पकड़ने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का सहारा ले रहा है। सिस्टम में फोटो सिमिलर एंट्रीज (पीएसई) और डेमोग्राफिक सिमिलर एंट्रीज (डीएसई) तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। पीएसई एक जैसी फोटो वाले रिकॉर्ड को पकड़ता है। वहीं, डीएसई नाम, उम्र और पिता, पति के नाम की समानता के आधार पर दोहरे रिकॉर्ड की पहचान करता है। यह सॉफ्टवेयर खुद ही ट्रैक कर लेता है कि यदि एक व्यक्ति के दो राज्यों में रिकॉर्ड हैं, तो उन्हें कैसे व्यवस्थित करना है।