
परिजनों के मुताबिक महिला की मौत की जानकारी निजी अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें नहीं दी। घंटों तक उन्हें अंधेरे में रखा गया। ताकि महिला की जान बच सके, ये ही सोचकर परिजन लाश को लेकर तमाम अस्पतालों में भटकते रहे। 20 किमी दूरी पर स्थित एक अस्पताल पहुंचने के बाद उन्हें पता चल पाया कि महिला की मौत काफी देर पहले हो चुकी थी। निजी अस्पताल की लापरवाही के चलते परिजनों को तमाम परेशानियां उठानी पड़ीं। नायब तहसीलदार ग्यारु दत्त जोशी का कहना है कि हरबर्टपुर स्थित अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है। एसडीएम को रिपोर्ट दे दी गई है। बताया कि आगे की कार्यवाही एसडीएम स्तर से होगी। इधर, परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर बेहद आक्रोश जताया