
Internal Conflict In BJP : भाजपा विधायक अरविंद पांडे के मामले ने पार्टी की कलह को सामने ला दिया है। दरअसल, बीते दिनों सुखवंत आत्महत्या प्रकरण और खुद पर लगे आरोपों की सीबीआई जांच समेत कई मामलों को लेकर विधायक पांडे के बयानों ने खासी सुर्खियां बटोरीं थी। उधर, राजस्व विभाग ने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के मामले में विधायक को नोटिस जारी कर कब्जा हटाने को कहा। इस बीच, गुरुवार को गूलरभोज स्थित उनके आवास पर हरिद्वार सांसद, गढ़वाल सांसद और हरिद्वार विधायक समेत भाजपा के कई बड़े नेताओं के जुटने की चर्चाओं ने सियासी पारा चढ़ा दिया। कयास लगने लगे कि पांडे के पक्ष में भाजपा नेताओं के सभा करने से प्रदेश की सियासत में बड़ा संदेश जाएगा। बताया जा रहा है कि हाईकमान के हस्तक्षेप पर हरिद्वार सांसद व पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत ने गुरुवार को पांडे के घर जाने का कार्यक्रम तो टाल दिया था, लेकिन इसकी वजह से हुए सियासी ड्रामे ने देहरादून से दिल्ली तक भाजपा नेताओं की सांसें अटका दीं। त्रिवेंद्र के दफ्तर से जारी भ्रमण कार्यक्रम में गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी और विधायक मदन कौशिक का भी नाम होने से सियासी पारा ज्यादा चढ़ा रहा।