
Use Of STP Water : सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में छनकर साफ हुए पानी को भी अब 10 रुपये किलोलीटर के हिसाब से बेचा जाएगा। उत्तराखंड में धामी मंत्रिमंडल ने कल इसकी मंजूरी प्रदान की है। एसटीपी में सीवर के पानी को री-यूज्ड ट्रीटेड वाटर बनाया जाएगा। पेयजल विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद एसटीपी के शुद्ध पानी का उपयोग गैर-पेय कार्यों में भी हो सकेगा। इस पानी का प्रयोग भवन निर्माण, कूलिंग, बागवानी, फ्लशिंग, पार्क की सिंचाई, औद्योगिक क्षेत्र में दोबारा किया जाएगा। टैंकरों से इसकी आपूर्ति भी की जा सकेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भूजल पर बढ़ता दबाव कम होगा, जल स्रोतों का संरक्षण होगा और भूजल प्रदूषण में भी कमी आएगी। साथ ही इस पानी के व्यावसायिक उपयोग से पेयजल एजेंसियों की आय बढ़ेगी। इससे राजस्व सृजन के नए स्रोत भी खुलेंगे। कृषि, उद्योग, सड़क निर्माण, स्टोन क्रशर और स्क्रीनिंग यूनिट में भी इस प्रोसेस पानी का उपयोग किया जा सकेगा। वनाग्नि से निपटने, सड़कों पर धूल नियंत्रण, वाहनों की धुलाई और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट में भी एसटीपी का साफ पानी खूब उपयोगी होगा।